Thursday, June 27, 2013

काश
काश मै तुम्हे दे  पाती
थोड़ी सी बारिश , थोड़ी सी हवा
एक नदी की रवानी , एक फूल की कहानी
काश सौप पाती  तुम्हे
एक पूरा का पूरा मौसम
जो लहलहाता तुम्हारे खेत
काश रख पाती कुछ रोटियां तुम्हारी  थाली में
थोड़ा सा नून , थोड़ा सा तेल
बढ़ा पाती  तुम्हारी खुराक में
काश कागज के कुछ टुकड़े बन
चुका  पाती  तुम्हारा कर्ज  
दे पाती  तुम्हे एक जिंदगी
जैसी तुम चाहते हो
जानती हूँ जिंदगी जरूरत है
और जरूरतें जिंदगी ...........  


No comments: